Interpreter kya hai 2022 ? Interpreter कैसे कार्य करता है ?

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Interpreter kya hai : नमस्कार दोस्तों , स्वागत हैं आपका अपना हिंदी ब्लॉगguptaithub.com में | आज मैं इस आर्टिकल के माध्यम से बात करूँगा Interpreter के बारे में की यह क्या है और यह किस तरह का कार्य करता हैं और कैसे कार्य करता हैं ?

एक प्रकार का computer Translater Program है जिसमे किसी भी तरह के लिखे गए भाषा प्रोग्राम को मशीनी भाषा में बदलने के लिए किया जाता हैं | आइये इस पोस्ट के माध्यम से जानते है जिसे विस्तार से बताया गया हैं |

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Interpreter kya hai | Interpreter क्या हैं ?

Interpreter kya hai 2022 ? Interpreter कैसे कार्य करता है ?
Interpreter kya hai

Interpreter एक ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम है जो high definition में लिखे गए भाषा को मशीनी भाषा में प्रवर्तित करने का क्षमता रखता हैं because यह एक प्रकार का software होता हैं जिसमे high level कोड को ट्रांसलेट किया जाता हैं | Interpreter kya hai

एक दुभाषिया एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसका उपयोग कई उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं में से एक का उपयोग करके लिखे गए प्रोग्राम निर्देशों को सीधे निष्पादित करने के लिए किया जाता है।

दुभाषिया उच्च-स्तरीय प्रोग्राम को एक मध्यवर्ती भाषा में बदल देता है जिसे वह तब निष्पादित करता है, या यह उच्च-स्तरीय स्रोत कोड को पार्स कर सकता है और फिर सीधे कमांड करता है, जो लाइन से लाइन या स्टेटमेंट द्वारा स्टेटमेंट किया जाता है। Interpreter kya hai

So अगर हम दुसरे भाषा में या आसान भाषा में बोले तो यह software उच्च स्तरीय language को निम्न स्तरीय भाषा में change करता हैं | Interpreter के द्वारा ट्रांसलेट किये गए फाइल को आप कही भी save नहीं कर सकते हैं But यह दिए गए भाषा को पढता है and ट्रांसलेट करके run करता हैं |

So इंटरप्रेटर ट्रांसलेट किये गए भाषा को कही भी save नहीं करता है so इससे हमारी हार्ड डिस्क की मेमोरी थोड़ी बहुत बच जाती हैं Because हम इंटरप्रेटर को एक अच्छाई के रूप में देख सकते हैं |

ठीक उसी प्रकार कम्पाइलर भी इस तरह का कार्य करता है But जब हम interpreter के द्वारा की भाषा को change करते है तो यह एक एक करके स्टेटमेंट को पार्ट by पार्ट ट्रांसलेट करता है जबकि Compiler कोई भी पैराग्राफ को एक साथ ट्रांसलेट कर देता हैं | Interpreter kya hai

How do work Interpreter in Hindi | इंटरप्रेटर कैसे कार्य करता हैं ?

कंप्यूटर में किसी भी प्रोग्राम को लिखने से पहले interpreter में मेमोरी कार्ड में save कर लिया जाता हैं and उसके बाद हम लिखना शुरू करते हैं Because यह program को line by line पढता है and उसके बाद यह उसे ट्रांसलेट करके run करता हैं |

अगर ट्रांसलेट करते समय किसी भी sentence में त्रुटी दिखाई देती है तो इंटरप्रेटर वही पर रुक जाती हैं and आगे की line को convert नहीं करती हैं | Interpreter kya hai

Beacuse जैसे ही हम कोई content या स्टेटमेंट लिखते है and इंटरप्रेटर के द्वारा चेक करने के बाद कोई कमी या त्रुटी पाया जाता है तो इंटरप्रेटर उसे हाईलाइट कर देता है ताकि हम उसे ठीक कर सके |

and अगर कही भी त्रुटी नहीं पाई जाती है तो इंटरप्रेटर उसे बाइनरी भाषा में ट्रांसलेट कर देता है और आगे की line को लिखने का परमिशन देता हैं Because इंटरप्रेटर में सोर्स कोड , प्री कम्पाइलर कोड तथा स्क्रिप्ट मौजूद होते है जिसके बजह से प्रोग्राम को कम्पाइलर की जरुरत नहीं पड़ती हैं |

कुछ ऐसे इंटरप्रेटर मौजूद है जन्हें हम use करते हैं –

  • BASIC Interpreter
  • JavaScript Interpreter
  • Python Interpreter
  • Forth Interpreter
  • Perl Interpreter

प्रत्येक high level language जो इंटरप्रेटर प्रयोग करती है सभी का अपना एक पर्सनल इंटरप्रेटर होते है and वो उसी का प्रयोग करता है | जैसे – पास्कल और बेसिक भाषा में प्रयोग |

Interpreter kya hai 2022 ? Interpreter कैसे कार्य करता है ?
Interpreter kya hai

Advantage and Disadvantage of interpreter in Hindi | इंटरप्रेटर की विशेषताएं एवं कमियां |

विशेषतायें ( Advantage )

इंटरप्रेटर की कुछ विशेषताए है जिसे निचे विस्तार से बताया गया हैं |

  • इसमें सोर्स कोड , प्री कम्पाइलर कोड और स्क्रिप्ट मौजूद होते है जिसके बजह से प्रोग्राम को कम्पाइलर करने की जरुरत नहीं पड़ती है beacuse वह ऑटोमेटिकली run हो जाती हैं |
  • इंटरप्रेटर बहुत ही कम मेमोरी स्पेस लेता हैं so यह प्रोग्रामर के लिए अच्छा हैं |
  • इंटरप्रेटर सोर्स प्रोग्राम में दिए गए sentence या content को line by line चेक करता हैं |
  • वैसे लोग जिन्हें प्रोग्रामिंग का बहुत ही कम जानकारी हो so वैसे लोग इंटरप्रेटर का प्रयोग करते है Beacuse ट्रांसलेटर की तुलना में इंटरप्रेटर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान हैं |
  • प्रोग्राम को लिखते समय अगर कही पर त्रुटी दिखाई देती है तो यह आगे का line लिखने नहीं देता है because जबतक आप इसे ठीक न कर दे तब तक यह आपको आगे लिखने नहीं देता हैं |
  • इसमें error या गलतियाँ ढूँढना बहुत ही आसान हो जाता हैं because यह स्टेप by स्टेप प्रोग्राम को चेक करता हैं |
  • error आने पर यह प्रत्येक line पर रुकता है जिससे error को solve करना आसान हो जाता हैं |

Disadvantage( कमियां )

जिस तरह इंटरप्रेटर की बहुत सारी खूबियाँ मौजद है तो इसकी कुछ कुछ कमियां भी है जिसे निचे विस्तार से बताया गया हैं | Interpreter kya hai

  • यह किसी भी प्रोग्राम को line by line चेक करता है and ऐसा करने में इंटरप्रेटर को बहुत अधिक समय लगता है | because यह इसकी सबसे बड़ी कमियाँ हैं |
  • यह कम्पाइलर की तुलना में बहुत धीरे धीरे कार्य करता हैं because यह स्टेप by स्टेप प्रोग्राम को चेक करता हैं |
  • बड़े बड़े प्रोग्रामर को प्रोग्राम लिखने में इंटरप्रेटर का इस्तेमाल करने में बहुत कठिनाईयां का सामना करना पड़ता हैं | Interpreter kya hai
  • इंटरप्रेटर प्रोग्राम के लिए बेस्ट आप्शन है But प्रोडक्शन के लिए यह बिलकुल भी अच्छा नहीं हैं |

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